सिस्सू पंचायत का फरमान, 10 से 28 जनवरी तक घाटी में न आएं पर्यटक

हालडा व पुणा उत्सव के दौरान शोर शराबा बर्दास्त नहीं करेंगे देवी देवता, बन्द रहेंगे होटल व ढाबे मनाली। सिस्सू पंचायत ने फरमान जारी करते हुए पर्यटकों को 10 से 28 जनवरी तक घाटी में आने पर रोक लगा दी है। घाटी में 15 जनवरी से हालडा व पुणा उत्सव शुरु होने वाला है। उत्सव के दौरान देवी देवता शोर शराबा बर्दास्त नहीं करते। देव आदेश के चलते पंचायत ने यह प्रस्ताव पारित किया है।

आज जनजातीय जिला लाहुल स्पीति के सिस्सू पंचायत, राजा घेपन कमेटी, देवी बोटी कमेटी और लवरंग गोंपा कमेटी के सदस्यों ने सर्दियों में होने वाले देवी देवताओं पर समर्पित उत्सव शुरू होने से पहले और समाप्त होने तक पर्यटन गतिविधियां न करने का फैसला लिया। 15 जनवरी से चंद्रा घाटी के सिस्सू पंचायत और कोकसर के तेलिंग का धार्मिक एवम नए साल में मनाया जाने वाला हालडा, पूणा त्यौहार मनाया जाएगा। घाटी में शोर शराबा न हो और धार्मिक कारज पर खलल ना पड़े इसलिए सिस्सू हेलीपैड में 10 जनवरी से 28 फरवरी तक पर्यटन गतिविधियां नहीं करने का निर्णय लिया है। वहीं इस दौरान सिस्सू हेलीपेड में पर्यटक वाहनों के पार्किंग न हो और कोई भी पर्यटक सिस्सू में प्रवेश न करे इसके लिए पंचायत ने उपायुक्त लाहुल स्पीति को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर 50 दिनों के लिए वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने की अपील की है। सिस्सू पंचायत के प्रधान राजीव तथा उप प्रधान संदीप किंगोपा ने बताया कि 15 जनवरी से सिस्सू में देवी देवताओं पर समर्पित नववर्ष उत्सव हालडा, रोपसंग पूणा और जगदंग पूणा मनाया जाना है, देव कारज समाप्त होने तक किसी प्रकार के शोर मचाने पर पाबंदी होती है। लिहाजा 10 जनवरी से 28 फरवरी तक सभी होटल, होम स्टे और ढाबा तथा अन्य साहसिक गतिविधियों पर पाबन्दी रहेगी। मांग को लेकर प्रधान राजीव की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, एसपी तथा एसडीएम से मिलकर सिस्सू हेलिपैड की तरफ ट्रैफिक न भेजने का आग्रह किया, ताकि घाटी में कोई अनावश्यक शोर शराबा न हो,जो देवी देवताओं की पूजा पाठ के दौरान व्यवधान उत्पन्न करें। राजीव ने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि लोगों की धार्मिक आस्था को देखते हुए वाहनों की भीड़ होने की सूरत में कम से कम गाड़ियों को हेलिपैड की तरफ भेजेंगे। गौर हो कि ग्रामीणों ने गत वर्ष भी इस तरह नए साल के आगमन पर पर्यटन गतिविधियों पर ब्रेक लगाने का निर्णय लिया था और प्रशासन का भी सहयोग मिला।

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