Shimla: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में आयोजित तीन दिवसीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूथ फैस्टीवल ग्रुप-1 के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए युवाओं से नशे की लत से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों व नशे का सेवन एक बहुत बड़ी समस्या है, जिसका समाधान हम सबको मिलकर ढूंढना है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पहले अच्छे इंसान बनें। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवसाय जीवन में अपनाएं लेकिन उससे पहले अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम केवल ‘मेमोरी टेस्ट’ है। डिग्रियां केवल हमें रोजगार दे सकती हैं और यह हमेें निर्धारित करना है कि हमे नौकरी पाने वाला बनना है या रोजगार देने वाला। उन्होंने अमृत काल में अपना लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अच्छी और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ें। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने अनेक चुनौतियों हैं जिन्हें उन्हें समझना है और उनके लिए तैयार रहना है। इस अवसर पर राज्यपाल ने यूथ फैस्टीवल के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इससे पूर्व, महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. रुचि रमेश ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा यूथ फैस्टीवल में आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी दी। निदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम निदेशालय प्रो. हरि सिंह, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, शिक्षक-अभिभावक संघ के प्रधान जे.आर. भारद्वाज, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रभारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। Post navigation हिमाचल में अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने को उठाए जा रहे प्रभावी कदम: जय राम ठाकुर Himachal Pradesh Cabinet Decisions : हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय