मनाली। हजारों मील की दूरी तय कर आसाम व नागालैंड से वनवासी कल्याण आश्रम के प्रतिनिधि व
श्रदालु माता हिडिम्बा के दर्शन करने मनाली पहुंचे। माता हिडिम्बा के दर्शन कर नागालैंड व आसाम के जनजातीय लोग भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वो लोग माता हिडिम्बा के वंशज हैं। नागालैंड के दीमापुर में माता हिडम्बा का मंदिर है। दोनो राज्य से प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रही नागालैंड की विनीता जगडुंग ने कहा कि वह अपने साथी सदस्य नागालैंड के अजयधर व सिडली तथा आसाम के हरिनमय बथारी, मुक्तेश्वर केंपरे, हिमांशु बटारिया, सुखेन फगवा व अजय फगवा के साथ वनवासी कल्याण आश्रम व हिमगिरि कल्याण आश्रम के सहयोग से हिमाचल भ्रमण पर आए हैं।  उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता लगा कि माता हिडिम्बा का मंदिर मनाली में है तो वो बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा कि वो माता हिडिम्बा के वंशज है।
उन्होंने कहा कि वो डिमासा समाज के लोग हैं आसाम व नागालैंड में रहते हैं। उन्होने कहा कि माता हिडिम्बा डिमासा की बेटी है लेकिन भीम से विवाह के बाद मनाली आ गई।
हिमाचल प्रदेश भ्रमण के अनुभव सांझा करते हुए उन्होंने कहा कि वो बहुत भाग्यशाली है कि उन्हें माता हिडिम्बा के दर्शन करने का मौका मिला है। हिमाचल के जनजातीय लोगों से मिलकर बहुत कुछ सीखने को मिला है और उनके साथ रहकर हिम्मत व होंसला बढ़ा है। विनीता जगडुंग ने
वनवासी कल्याण आश्रम व हिमगिरि कल्याण आश्रम के प्रतिनिधियों का आभार जताया। हिमगिरि वनवासी कल्याण आश्रम के संरक्षक निहाल चन्द, अध्यक्ष लछिया राम, संगठन मंत्री हेम सिंह व लाहुल कुल्लू के अध्यक्ष परस राम आसाम व नागालैंड के प्रतिनिधि मंडल के साथ मौजूद रहे।

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