कुल्लू। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज कुल्लू के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने भगवान श्री रघुनाथ जी की रथयात्रा में भी भाग लिया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित थीं।

राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की असत्य पर जीत का परिचायक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति बहुत समृद्ध व अद्वितीय है, जिसकी विश्व भर में अलग पहचान है। प्रदेश में वर्ष भर आयोजित होने वाले मेले और त्यौहार यहां के लोगांे की समृद्ध परम्पराओं और धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रदेश के लोगों ने यहां की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज़ तथा परम्पराओं को संजोकर रखा है, जिसके लिए यहां के लोग प्रशंसा के पात्र हैं।

राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि की पवित्रता नशे के कारण धूमिल हो रही है। नशा घर-घर तक पहुंच रहा है। देवभूमि हिमाचल में नशे का कोई स्थान नहीं है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को संजोए रखने के लिए हमें नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, जिसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा।

इसके उपरांत, राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों व अन्य गैर-सरकारी संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया और स्टालों पर जाकर विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया। इस उत्सव में जिला कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 300 देवी-देवता भाग ले रहे है।

इससे पहले, राज्यपाल ने कुल्लू के प्रसिद्ध लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य उत्सव कुल्लू दशहरा-2024 का शुभारंभ भी किया।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल, उप मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार मुकेश अग्निहोत्री , मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक मनाली विधानसभा भुवनेश्वर गौड़, विधायक बंजार विधानसभा क्षेत्र सुरेंद्र शोरी, उपायुक कुल्लू तोरुल एस रविश, पुलिस अधीक्षक कुल्लू डा गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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