मनाली। ऊझी घाटी के आरादय देव स्वर्ग प्रवास से लौट आए हैं। देवताओं के लौटते ही मंदिरों में बंधी घटियां खोल दी गई व कपाट भी खुल गए। 42 दिनों के बाद स्वर्ग प्रवास से लौटे कुल्लू घाटी के आराध्य देवों ने आज रविवार को भविष्यवाणी की। देवताओं ने गुर के माध्यम से मानव जगत के लिए वर्ष 2023 मिला-जुला बताया। स्वर्ग प्रवास से लौटे महाऋषि गौतम-महाऋषि व्यास व कंचन नाग द्वारा रविवार को कुल्लू घाटी के सैंकड़ों लोगों की उपस्थिति में दुनिया भर में होने वाले घटनाक्रम से अवगत करवाया गया। सुबह ही ऐतिहासिक गांव देव वाद्ययंत्रों से गूंज उठा। अपने आराध्य देवों के स्वर्ग प्रवास से लौटने को लेकर उत्सुक ग्रामीणों व देवता के कारकूनों ने देव विधिपूर्वक देवताओं का स्वागत किया। दोपहर बाद देवता के कारकूनों ने देव वाद्ययंत्रों के बीच देव विधि से कार्रवाई शुरू की। घाटी के लोगों ने गोशाल गांव में दस्तक देकर अपनी उत्सुकता प्रकट की। कारकूनों व पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना के बाद विधिपूर्वक मृदा लेप को हटाया गया। देवता के गुर व कारकूनों ने देवविधि को पूरा किया। मृदा लेप से कुमकुम, फूल, अनाज का छिलका, सेब के पत्ते निकलने से ग्रामीण खुश हुए। बाल, रेत, पेड़ की जड़, पत्थर व कोयला भी निकला है। देवता ने वर्ष 2023 दुनिया के लिए कुछ अच्छा तो कुछ बुरा बताया है। उन्होंने गुर के माध्यम से कहा कि घाटी में इस बार सेब की फसल मिलीजुली रहेगी। बाढ़ का डर सताएगा तथा आगजनी की भी घटनाएं होंगी। देवता के कारदार हरि सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर यह वर्ष मिला जुला रहेगा। बहरहाल, देवताओं के स्वर्ग प्रवास से लौटते ही घाटी में देव प्रतिवंध हट गया है और ग्रामीण फागली उत्सव में व्यस्त हो गए हैं।

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