कुल्लू। मनाली कांग्रेस अध्यक्ष हरिचंद शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव भुवनेश्वर गौड़, देवेंद्र नेगी और नवीन तनवर ने प्रेस में जारी बयान में शिक्षामंत्री गोविंद ठाकुर पर तत्कालीन वनमंत्री रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब
वे कुछ अरसा पहले वर्तमान भाजपा सरकार में वनमंत्री थे। तो उन्होंने पतलीकूहल में अपने परिवार से जुड़ी संस्था के नाम करोड़ों की जमीन किए जाने के लिए वन भूमि को खाली कराने के लिए इस पर बने रेंज आफिस को अन्य स्थान पर शिफट कराया। अन्य स्थान पर बने आरओ आफिस का उदघाटन भी वनमंत्री रहते हुए गोविंद ठाकुर ने किया। जब पतलीकूहल चौक पर बना आरओ आफिस शिफट हो गया तो इस भूमि को गोविंद ठाकुर ने अपने परिवार से जुड़ी संस्था के नाम करने के लिए भूमिका बनानी शुरू कर दी। अब चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाइवे पर पतलीकूहल में स्थित यह करोड़ों की जमीन मंत्री से जुड़ी संस्था के नाम ट्रांस्फर करवा रहे है। जिसमें अब एक नीजि अस्पताल बनाए जाने की चर्चा है। जबकि पतलीकूहल में ही 30 बेड़ वाला एक सरकारी सामुदायिक अस्पताल का निर्माण प्रगति पर है। ऐसे में आधा किलोमीटर के दायरे में एक अन्य नीजि अस्पताल को बनाना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता। इसके बजाए इस भूमि का सदुपयोग करते हुए इस भूमि पर कोई अन्य सरकारी संस्थान स्थापित किया जा सकता था। जिससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होते जब कि मनाली कि जनता की ऐक बड़े सरकारी अस्पताल मेडिकल कालेज की माँग अर्से से है हिमाचल के नौ जिलों में तो सरकारी मेडिकल कॉलेज है । अच्छा होता मंत्री महोदय कुल्लु ज़िला के मनाली में भी मेडिकल कोलेज़ सरकारी हस्पताल मनाली में खोलते जिस से लोगों को उचित और सस्ता उपचार मिलता । उन्हों ने कहा कि करोड़ों की इस वनभूमि को कौडियों के दाम किसी नीजि हाथों में सौंपना कहीं उस संस्था द्वारा मंत्री के पिछले चुनाव में की गई मदद का इनाम तो नहीं है। जिसमें इस संस्था ने मंत्री के हाथों से लोगों को चैक, ढोलकी चिमटा, कंबल और सिलाई मशीनें इत्यादि बंटबाई थीं। चुनाव में जिसका सीधा फायदा मंत्री गोविंद ठाकुर को मिला। सवाल पैदा होता है कि इस बेशकीमती जमीन को अपनी संस्था को देने से पहले स्थानीय पंचायतों सहित लोेगों से रायशुमारी की गई थी। तथा क्या उक्त पंचायतों से एनओसी ली गई थी। क्या कोई मंत्री अपने विभाग की जमीन को नैतिक तौर पर अपने परिवार से जुड़ी संस्था को फ्री में दे सकता है।

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