मनाली(एमसी ठाकुर)। लाहौल घाटी के आध्यात्मिक धर्मगुरु स्व लला मेमें की 11 वीं पुण्यतिथि लला मेमे फाउंडेशन के द्वारा मनाली के साथ लगते क्लाथ के सहारा वृद्धाश्रम में मनाई गई। इस दौरान जहां वृद्धाश्रम में हवन व भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया तो वही गायत्री परिवार के सदस्यों ने भी इस पुण्यतिथि कार्यक्रम में भाग लिया। हर साल लला मेंमें फाउंडेशन के द्वारा समाज सेवा में बेहतर काम करने वाली विभूतियों को भी सम्मानित किया जाता था। लेकिन अब की बार कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए इसे सूक्ष्म रूप से निभाया गया और लला मेमे की स्मृतियों को भी याद किया गया। लला मेमे फाउंडेशन के अध्यक्ष मंगल चंद मनेपा ने बताया कि लला मेमे गोशाल के रहने वाले थे और लाहौल घाटी में उनका स्थान धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण था। लला मेमे ने आध्यात्मिक गुरु की भूमिका भी बेहतर तरीके से निभाई और आज भी लाहौल घाटी में लोग उन्हें याद करते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इसे सहारा वृद्धाश्रम में सूक्ष्म रूप से मनाया गया और लोगों ने भी उनके साथ बिताए हुए स्मृतियों को याद किया। मंगल चंद ने बताया कि लाहौल घाटी में आध्यात्मिक गुरु लला मेमे को भगवान शिव के भक्त के रूप में पूजा जाता है और फाउंडेशन के द्वारा भी उनकी याद में रक्तदान पौधारोपण व कई तरह के सामाजिक कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा समाज सेवा में बेहतरीन कार्य करने वाली विभूतियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। कोरोना संकट के चलते यह कार्यक्रम आगामी दिनों में आयोजित किया जाएगा।

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