मनाली। हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव का लंबा शेड्यूल होने से पर्यटन कारोबार पर संकट के बादल मंडराने लगे है। पर्यटन कारोबारियों को पीक पर्यटन सीजन में चुनाव प्रचार, मतदान की प्रक्रिया होने से पर्यटन पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। इससे चिंतित हिमाचल प्रदेश ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव प्रथम चरण में करवाने की मांग की है। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश ठाकुर, महासचिव सुरेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मई से जून महीने तक पीक पर्यटन सीजन रहता है। Advertisement इस अवधि में चुनाव होने से पर्यटन कारोबार पर असर पड़ सकता है। जिससे पर्यटन कारोबार से प्राप्त होने वाले राजस्व में भी कमी आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनाव में बड़ी बड़ी चुनावी रैलियां होगी। वीआईपी और वीवीआइपी मूवमेंट बढ़ेगी। जिससे पर्यटकों को वाहन उपलब्ध नही होंगे। यातायात जाम की भी समस्या बन सकती है। एसोसिएशन का कहना है कि हिमाचल के पर्यटन पहले कोविड और उसके बाद आपदा से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। BOOK YOUR HOTEL IN MANALI लिहाजा, हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव अंतिम चरण की बजाय पहले चरण में करवाए जाएं। इससे यहां के पर्यटन कटोबार को नुकसान नही होगा। बुद्धि प्रकाश ने कहा कि अंतिम चरण में चुनाव करवाने से लंबा शेड्यूल होगा। 75 प्रतिशत लोग पर्यटन से जुड़े है। हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे। लिहाजा, हिमाचल में लोकसभा चुनाव पहले चरण में करवाए जाएं। Post navigation मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के 15 टिप्परों को रवाना किया