मनाली। महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के मकसद से मनाली में आयोजित महिला साहसिक शिविर शनिवार को संपन्न हो गया है। शनिवार को अंतिम दिन शिविर में देश के कोने-कोने से आई 18 नामी युवतियों को डाक्यूमेंटरी फिल्म के माध्यम से साहसी बनने के गुर सिखाए गए। युवतियों को ट्रैकिंग, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग पर आधारित डाक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गई। इसके अलावा अंतिम दिन सभी ने कुल्लवी परिधान पहने और अपने-अपने अनुभव सांझा किए। हालांकि, अंतिम दिन युवतियों को पैराग्लाइडिंग, जिप लाइनिंग, रॉक क्लाइबिंग, रैपलिंग आदि साहसिक गतिविधियां करवाई जानी थीं लेकिन सुबह से हो रही बारिश के कारण यह गतिविधियां नहीं हो सकी। गौरतलब है कि अलग -अलग क्षेत्र में देश का मान बढ़ाने वाली 18 युवतियां इन दिनों मनाली में साहसी बनने के गुर सीख रही है। मंगलवार को कोठी में साहसिक शिविर का आगाज हुआ था। वीरवार को युवतियां भृगु झील के लिए रवाना हुई थी। बेस कैंप में ठहरने के बाद युवतियां शुक्रवार को भृगु झील पहुंची और यहां से लौट गईं। इस शिविर में शूटर अंशुल मोदगिल, क्रिकेटर शुष्मा, अमिषा चौहान, ज्योतिका, यशवी, अश्विनी शिहारा, खुशबू भारद्वाज, महिमा दत्त, शिवनगी राणा, प्राची, अदिति ठाकुर, अमिता नेगी, ऋतु नेगी, तेंजिन, पूनम, पी गोस्वामी, प्रियंका चंदेल व एस पिंगले भाग ले रही हैं। आयोजक आंचल ठाकुर ने बताया कि शनिवार को अंतिम दिन होने वाली गतिविधियां बारिश के कारण नहीं हो पाई। शनिवार को पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइबिंग और रैपलिंग जैसी गतिविधियां करवाई जानी थी। उन्होंने कहा कि सभी को डाक्यूमेंटरी फिल्में दिखाई गई। साथ ही एक दूसरे के साथ शिविर के अनुभव भी सांझा किए। उन्होंने कहा कि देर शाम सोलंगनाला में शिविर का समापन हुआ। Post navigation International Dussehra Festival: अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिये ऑडिशन से होगा कलाकारों का चयन- सरकैक शिक्षा मंत्री ने जाना घायल पर्यटकों का कुशल-क्षेम