कुल्लू। प्रदेश के हाईकोर्ट ने देवी -देवताओं के 365 कारदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं और देवी-देवताओं की जमीन का हिसाब न्यायालय में रखें। यह बात यहां प्रेस क्लब ऑफ कुल्लू में देव संस्कृति ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी ओम प्रकाश शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं की 84000 विघा जमीन मुजारों के नाम चली गई है और अब देवी-देवता भूमिहीन हो गए हैं और मुजारों ने देवी-देवताओं की चाकरी करना छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि 15/11/2022 को सभी कारदारों को हाईकोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के पक्ष में देव संस्कृति ट्रस्ट ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अब देवी-देवताओं को न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी देवताओं की 21 हजार रजिस्ट्रियां रद्द हुई है और हमें उम्मीद है कि यहां भी देवी-देवताओं की जमीन बापस आएगी। उन्होंने कहा कि यहां कुल्लू में कुछ लोग देवी-देवताओं पर राजनीति कर रहे है। उन्होंने कहा कि भगवान रघुनाथ जी के पास 1938 विघा जमीन थी जो 296 मुजारों के नाम लगी है। उन्होंने कहा कि देव संस्कृति में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सारी जमीन देवताओं के नाम बापस जानी चाहिए क्योंकि देवता नावालिग होते हैं और उनकी जमीन किसी के नाम नहीं लग सकती। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जब देवता के नाम यह जमीन लगेगी तो मुजारे वोही लोग रहेंगें जो पहले थे। यदि मुजारे देव चाकरी छोड़ देते हैं तो कारदार उनसे जमीन छीन सकता है तथा दूसरों को मुजारा बना सकता है जो देवता की सेवा कर सके। उन्होंने कहा कि यह देवी-देवताओं की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि देव संस्कृति चेरिटेबल ट्रस्ट की दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। उन्होंने समस्त कारदारों को इसमें हाईकोर्ट का सहयोग करना चाहिए क्योंकि कारदार देवताओं का मालिक नहीं है बल्कि रखवाले हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा जमीन माता अंबिका 4450 बीघा मुजारों के नाम लगी है। बंजार के 26 देवताओं की हजारों विघा जमीन मुजारों के नाम लगी है। Post navigation ग्रामीण राजस्व अधिकारी पटवारी एवं कानूनगो संघ जिला कुल्लू ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहली अक्तूबर को करेंगे आर्ट एण्ड क्राफ्ट सेंटर का लोकार्पण, हरिपुर कॉलेज में विशाल जनसभा को करेंगे संबोधित